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Big breaking :-मंगलौर के मोहम्मदपुर जट्ट के नृशंस वृद्ध हत्याकांड का खुलासा, ऐसे पकड़ा हत्यारा

डीप क्राइम स्टडी & वर्कआउट में अपनी काबिलियत का लोहा मनवा रही हरिद्वार पुलिस

🔅कप्तान की लीडरशिप में 24 घंटे के भीतर दूसरे ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा कर आम जनमानस में हरिद्वार पुलिस के प्रति सम्मान की भावना

🔅मंगलौर के मोहम्मदपुर जट्ट के नृशंस वृद्ध हत्याकांड का खुलासा, इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस न मिलने पर पुराने पारंपरिक तरीकों से अभियुक्त को पकड़कर भेजा जेल, सराहना

🔅कोतवाली मंगलौर के शानदार खुलासे पर स्थानीय जनता खुश, स्वयं कोतवाली पहुंचकर कईयों ने दी बधाई

 

 

“हमको इसमें कोई इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस नहीं मिल पा रही थी लेकिन टीम ने मेहनत कर पुराने तरीकों से सभी एविडेंस कलेक्ट किए, पूरी टीम बधाई की पात्र – एसएसपी हरिद्वार”

जग में प्रसिद्ध हरिद्वार, धर्मनगरी तो है ही साथ ही इसका देहात क्षेत्र कई स्थानों पर यूपी बॉर्डर से लगा हुआ एक क्राइम प्रधान क्षेत्र है। जहां कई बार जरा जरा सी बात पर लोग हत्या जैसा जघन्य अपराध कर देते हैं फिर बाद में पछताते हैं।

 

 

ऐसा ही एक मामला कुछ दिन पहले जनपद के मुजफ्फरनगर जिले से लगी हुई सीमा के कोतवाली मंगलौर क्षेत्रांतर्गत हुआ। जब दिनांक 30.01.2024 को ग्राम मोहम्मदपुर जट्ट में अकेले रह रहे एक वृद्ध की नृशंस तरीके से हत्या कर बॉडी को कुछ दूरी पर गंदे नाले में फेंका गया था। वृद्ध का बिस्तर खून से पूरा सना हुआ था और घटनास्थल से लेकर गंदे नाले तक जगह-जगह खून की बूंदें बिखरी हुई थीं।

 

 

सीनियर सिटिजन के साथ ऐसे अमानवीय अपराध से क्षेत्र समेत पूरे राज्य में तरह-तरह की बातें थीं तो वहीं मीडिया जगत में भी भारी भरकम हेडलाइंस के साथ खबरें आई थीं। ये सभी कुछ हरिद्वार पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी।

घटना की संवेदनशीलता/नृशंसता को देखते हुए शांत प्रकृति के अनुभवी पुलिस अधिकारी एसएसपी हरिद्वार प्रमेन्द्र सिंह डोबाल द्वारा तमाम पुलिस अधिकारियों एवं फॉरेंसिक टीम व स्वान दल के साथ मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया गया एवं अधीनस्थों को अपने कुशल अनुभव के आधार पर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

यह एक ऐसी घटना थी जिसने सभी को हिला कर रख दिया था पूरे रास्तेभर गाड़े खून की अनगिनत बूंदें यहां वहां बिखरी पड़ी थीं। सुबह-सुबह उक्त घटना के संज्ञान में आने पर गांव में जिसने भी सुना वही घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़ा।

पुलिस टीम द्वारा भरसक प्रयत्न किए गए लेकिन कहीं कुछ पता नहीं चल पा रहा था। कारण मृतक द्वारा मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करना, लोगों से कम मिलना जुलना एवं अन्य भी किसी प्रकार की कोई इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस न मिलने के कारण घटना का खुलासा करना हरिद्वार पुलिस के लिए प्रत्येक गुजरते दिन के साथ बड़ा चैलेंज होता जा रहा था।

 

 

आखिरकार हजारों हजार मिली जानकारियों को आपस में जोड़ते हुए ये बात प्रकाश में आई कि संदिग्ध अंकित जो थोड़े-थोड़े समय में लगातार अपने ठिकाने बदलता रहता है व अक्सर जंगलों में निवास करता है, का मृतक से वार्तालाप होता था और पिछले कुछ समय से विवाद भी था।

 

 

टीम द्वारा उक्त संदिग्ध (अंकित) को पारंपरिक पुलिसिंग के अंतर्गत मुखबिर की सहायता से दबोचकर पूछताछ की तो सारा मामला खुल कर सामने आ गया।

अंकित की दोस्ती कबूतर पालन और पेंटर का काम करने वाले रमेश (मृतक) से थी। अंकित ने मृतक रमेश के कुछ कबूतर मार दिए। जिस कारण जब कभी भी अंकित सामने आता था तो मृतक रमेश बार-बार अंकित को कबूतर मारने के लिए कोसता था और मां की गाली देता था। कबूतर को लेकर हुए विवाद व मृतक रमेश के बार-बार अंकित को मां की गाली देने से बुरी तरह नाराज होकर अंकित ने रमेश की कुल्हाड़ी से नृशंसतापूर्वक काटकर/मारकर हत्या कर दी और लाश को वहां से कुछ दूरी पर ले जाकर गंदे नाले में फेंक दिया।

समय से हुआ खुलासा अन्यथा….

ये खुलासा अन्य खुलासों से इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हत्यारे द्वारा कभी भी फोन का इस्तेमाल नहीं किया गया। लोगों के ज्यादा टच् में नहीं था। रुकने का कोई ठोस ठिकाना नहीं था कभी-कहीं तो कभी-कहीं रहता था। दूसरा गुजरते समय के साथ-साथ गांव में दूसरी बिरादरी पर शक किया जा रहा था जिस कारण जल्दी खुलासा न होने पर गांव में सुगबुगाहट बढ़ रही थी जो कभी भी शांति व्यवस्था के दृष्टिकोण से संवेदनशील हो सकता था। तीसरा शव को गंगनहर में फेंकने का हत्यारे का प्लान अगर कामयाब हो जाता तो खुलासा करने में खासे मुशकिलात पेश आते तब यह प्रकरण कोई भी दूसरा रूप ले सकता था।

कुल मिलाकर कप्तान का शांत भाव से टीम पर पूरा भरोसा करना, हरिद्वार पुलिस की सटीक कार्रवाई, देहात क्षेत्र अधिकारियों का प्रकरण के संबंध में प्रत्येक प्राप्त हो रही जानकारी को कई चरणों में चैक करने हेतु गठित की गई टीमों पर “बुद्धिमत्ता के साथ” बारीकी से पर्यवेक्षक करना और पूरी टीम का “एक इकाई के रूप में” कार्य करते हुए सफलता प्राप्त करना ऐसा खुलासा रहा जिस पर मंगलौर क्षेत्र की जनता ने हरिद्वार पुलिस की कार्यशैली की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और कोतवाली मंगलौर जाकर थाना पुलिस को भी सराहा।

 

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