UTTARAKHAND NEWS

Big breaking :-कांग्रेस प्रत्याशी गणेश गोदियाल की शैक्षिक योग्यता पर भाजपा ने उठाया सवाल , कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दिया जवाब

देहरादून- कांग्रेस प्रत्याशी गणेश गोदियाल की शैक्षिक योग्यता पर भाजपा ने उठाया सवाल , कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दिया जवाब

– उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इसी कड़ी में बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता रविंद्र जुगरान ने पौड़ी लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी गणेश गोदियाल की शैक्षिक योग्यता पर सवाल खड़े किए हैं। साथ ही उनके एजुकेशन दस्तावेजों में गड़बड़झाला होने का आरोप भी लगाया है। बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता रविंद्र जुगरान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के प्रत्याशी गणेश गोदियाल ने साल 2002 में इंटर की परीक्षा पास की। इसके बाद 2007 में वे ग्रेजुएट हो गए। जिस कॉलेज से गोदियाल ग्रेजुएट हुए, वो उन्हीं का प्राइवेट कॉलेज है। ऐसे में उनके शैक्षणिक दस्तावेजों में हेर-फेर हो सकती है। उन्होंने कहा कि गणेश गोदियाल हेमवती नंदन बहुगुणा से अपनी तुलना कर रहे हैं, और गणेश गोदियाल को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह कांग्रेस के सिपाही हैं या फिर हेमवती नंदन बहुगुणा के, क्योंकि हेमवती नंदन बहुगुणा ने इंदिरा गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ा था।

 

वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन महारा ने भाजपा नेता रविंद्र जुगराण के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि रविंद्र जुगराण की बातों को वहां सीरियस नहीं लेते क्योंकि जब रविंद्र जुगराण आम आदमी पार्टी में थे तब वह कुछ और बातें करते थे और फिर जब भाजपा में आए तो उन्होंने कहा कि वह भाजपा के स्लीपिंग सेल की तरह काम कर रहे थे तो ऐसे व्यक्ति की बातों का जवाब देना वहां उचित नहीं समझते। करण महारा ने कहा कि रविंद्र जुगराण को गणेश गोदियाल से अपनी तुलना नहीं करनी चाहिए। गोदियाल जनप्रिय नेता है और रविंद्र जुगराण में हाल ही में वह दयाल को मुंबई वाला भी बताया था लेकिन मुंबई में कोयल के कारोबार रहते हुए भी गणेश गोदयाल ने अपना 90% समय गढ़वाल की जनता को दिया है और ऐसा गढ़वाल की जनता कहती है। और इससे बड़ी बात क्या होगी कि उन्होंने अपने पुत्र और पत्नी का मोह छोड़कर गढ़वाल की जनता के बीच रहे हैं और रविंद्र जुगराण को इसको लेकर गणेश से माफी मांगनी चाहिए। करण महारा ने कहा कि वह गणेश गोदियाल की एजुकेशन पर और उनकी सक्रियता पर सवाल उठने से पहले रविंद्र जुगराण को सोचना चाहिए।

 

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top